अंतर स्पष्ट कीजिए: वातस्फीति (Emphysema) और व्यावसायिक श्वसन विकार।

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वातस्फीति (Emphysema)व्यावसायिक श्वसन विकार
$(1)$ वातस्फीति एक दीर्घकालिक विकार है जिसमें कूपिका (alveoli) की दीवारें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं,जिसके कारण श्वसन सतह कम हो जाती है।$(1)$ ये विकार कुछ उद्योगों जैसे पत्थर तोड़ने या पीसने के काम में हवा में मौजूद धूल के कणों के लंबे समय तक संपर्क में रहने के कारण होते हैं।
$(2)$ सिगरेट पीना वातस्फीति का प्रमुख कारण है।$(2)$ ये फेफड़ों में सूजन पैदा करते हैं जिससे फाइब्रोसिस (तंतुमय ऊतकों का प्रसार) होता है और फेफड़ों को गंभीर क्षति पहुँचती है।
$(3)$ यह मुख्य रूप से कूपिका की दीवार के विनाश की स्थिति है।$(3)$ श्रमिकों को इन विकारों से बचने के लिए सुरक्षात्मक मास्क पहनने की सलाह दी जाती है।

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स्तंभ-$I$ और स्तंभ-$II$ का मिलान करें:
स्तंभ-$I$ स्तंभ-$II$
$(I)$ अस्थमा $(A)$ सिगरेट पीना
$(II)$ वातस्फीति (एम्फिसीमा) $(B)$ घरघराहट (व्हीजिंग)
$(III)$ व्यावसायिक श्वसन विकार $(C)$ फाइब्रोसिस

$CO$ (कार्बन मोनोऑक्साइड) हानिकारक है क्योंकि:

निम्नलिखित में से कौन सा फेफड़ों का रोग नहीं है?

किस $pCO_2$ स्तर पर मृत्यु हो सकती है?

निम्नलिखित में से कौन सा एक व्यावसायिक श्वसन विकार है?

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